आज लगभग हर व्यक्ति के पास एक से ज्यादा मोबाइल नंबर होते हैं। एक नंबर रोज़मर्रा के इस्तेमाल में रहता है, जबकि दूसरा नंबर कभी बैंक, कभी OTP या किसी पुराने काम के लिए रखा जाता है। यही दूसरा नंबर अक्सर बिना जानकारी के बंद हो जाता है। इस समस्या का समाधान है Secondary SIM Recharge Strategy।
Secondary SIM क्यों बंद हो जाता है
दूसरे सिम का इस्तेमाल बहुत कम होता है। न कॉल, न इंटरनेट, और न ही नियमित रिचार्ज। टेलीकॉम कंपनियां ऐसे नंबरों को Inactive मान लेती हैं। समय पर वैधता वाला रिचार्ज न होने पर पहले सेवाएं बंद होती हैं और फिर नंबर हमेशा के लिए डिएक्टिवेट हो जाता है।
केवल टॉकटाइम डालना क्यों गलती है
अधिकतर लोग सोचते हैं कि ₹10 या ₹20 का टॉकटाइम डालने से सिम चालू रहेगा। लेकिन टॉकटाइम में सर्विस वैलिडिटी नहीं मिलती। इससे सिम कुछ दिन के लिए ही सुरक्षित रहता है, उसके बाद नेटवर्क सस्पेंड कर देता है।
सही Recharge Strategy क्या होनी चाहिए
दूसरे सिम के लिए महंगे अनलिमिटेड प्लान लेने की जरूरत नहीं होती। साल में एक या दो बार वैधता वाला सस्ता प्लान लेना सबसे बेहतर तरीका है। इससे नंबर सुरक्षित रहता है और अचानक बंद होने का खतरा नहीं रहता।
Network के हिसाब से योजना बनाना जरूरी
हर नेटवर्क के नियम अलग होते हैं।
Jio में सेकेंडरी सिम के लिए भी नियमित वैधता वाला रिचार्ज जरूरी है।
Airtel और Vi कुछ सस्ते वैलिडिटी प्लान ऑफर करते हैं, जो सेकेंडरी सिम के लिए सही रहते हैं।
BSNL उन यूज़र्स के लिए बेहतर है जो नंबर लंबे समय तक बिना ज्यादा खर्च के चालू रखना चाहते हैं।
OTP और बैंक से जुड़े नंबर की सुरक्षा
अगर सेकेंडरी सिम बैंक, UPI या सरकारी सेवाओं से जुड़ा है, तो उसका बंद होना बड़ी समस्या बन सकता है। ऐसे में नंबर एक्टिव रखना सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि सुरक्षा से भी जुड़ा मामला बन जाता है।
Calendar Reminder सबसे आसान तरीका
सिम बंद होने की सबसे बड़ी वजह भूल जाना है। मोबाइल में रिचार्ज एक्सपायरी से पहले reminder लगा देने से यह समस्या आसानी से हल हो सकती है।
निष्कर्ष
Secondary SIM Recharge Strategy अपनाकर आप बिना ज्यादा खर्च किए अपने पुराने और जरूरी नंबर को लंबे समय तक एक्टिव रख सकते हैं। थोड़ा सा ध्यान और सही रिचार्ज आपके नंबर को हमेशा सुरक्षित रख सकता है।