मोबाइल रिचार्ज कराने के बाद अगर बैलेंस या डेटा दिखाई न दे, तो यह किसी भी यूज़र के लिए परेशान करने वाली स्थिति होती है। अक्सर ऐसा होता है कि पैसे कट जाते हैं, रिचार्ज सक्सेस का मैसेज भी आ जाता है, लेकिन कॉल, डेटा या वैलिडिटी काम नहीं करती। यह समस्या Jio, Airtel, Vi और BSNL सभी नेटवर्क में देखी जाती है।
रिचार्ज प्रोसेस में देरी होना
कई बार रिचार्ज तुरंत एक्टिव नहीं होता। नेटवर्क सिस्टम में अपडेट होने में कुछ मिनट या कभी-कभी एक से दो घंटे भी लग सकते हैं। इस दौरान बैलेंस या डेटा दिखाई नहीं देता, लेकिन थोड़ी देर बाद अपने आप अपडेट हो जाता है। ऐसे मामलों में बार-बार रिचार्ज करना नुकसानदेह हो सकता है।
एक्टिव प्लान पहले से मौजूद होना
अगर आपके नंबर पर पहले से कोई एक्टिव प्लान चल रहा है, तो नया रिचार्ज तुरंत लागू नहीं होता। नया प्लान अक्सर क्यू में चला जाता है और पुराना प्लान खत्म होने के बाद ही एक्टिव होता है। इसी वजह से यूज़र को लगता है कि रिचार्ज हुआ ही नहीं है।
गलत प्लान का रिचार्ज हो जाना
जल्दबाज़ी में कई बार गलत नंबर या गलत प्लान का रिचार्ज हो जाता है। उदाहरण के लिए, केवल टॉकटाइम रिचार्ज कर दिया गया जबकि यूज़र को डेटा प्लान चाहिए था। ऐसे में कॉल या इंटरनेट काम नहीं करता और बैलेंस जीरो दिखता है।
नेटवर्क या USSD कोड की समस्या
कभी-कभी नेटवर्क की वजह से बैलेंस चेक कोड काम नहीं करते। USSD कोड डायल करने पर एरर आ सकता है या जानकारी अपडेट नहीं होती। ऐसे में मोबाइल ऐप या SMS के ज़रिए बैलेंस चेक करना ज़्यादा सही रहता है।
सिम कार्ड या सिस्टम एरर
अगर सिम बहुत पुरानी है या डैमेज हो चुकी है, तो रिचार्ज की जानकारी सही तरीके से अपडेट नहीं होती। इसके अलावा नेटवर्क प्रोवाइडर के सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी होने पर भी बैलेंस शो नहीं करता, जबकि रिचार्ज रिकॉर्ड में मौजूद रहता है।
समस्या का समाधान कैसे करें
सबसे पहले फोन को एक बार बंद करके चालू करें और नेटवर्क चेक करें। संबंधित कंपनी का ऑफिशियल ऐप खोलकर बैलेंस और वैलिडिटी देखें। अगर 2–3 घंटे बाद भी रिचार्ज एक्टिव न हो, तो कस्टमर केयर से संपर्क करना सबसे अच्छा विकल्प होता है। रिचार्ज का मैसेज या ट्रांजैक्शन आईडी अपने पास रखें, ताकि शिकायत जल्दी सुलझ सके।
निष्कर्ष
रिचार्ज होने के बाद भी बैलेंस न दिखना आम समस्या है, लेकिन ज़्यादातर मामलों में यह अस्थायी होती है। थोड़ी जानकारी और सही तरीके अपनाकर यूज़र बिना दोबारा पैसे खर्च किए इस परेशानी से बच सकता है।